पेशाब के बाद बूंद-बूंद टपकना

पेशाब के बाद बूंद-बूंद टपकना क्यों होता है? पुरुषों में कारण और इलाज

Last Updated: 31 August 2026

पेशाब के बाद बूंद-बूंद टपकना क्यों होता है?

पेशाब करने के बाद टॉयलेट से बाहर निकलने पर अगर अंडरवियर में कुछ बूंदें पेशाब की आ जाती हैं, तो इसे Post-Micturition Dribbling (PMD) कहा जाता है। PMD अपने-आप में आमतौर पर किसी गंभीर बीमारी का प्रमाण नहीं होता, लेकिन साथ में दूसरे urinary symptoms हों तो कारण की जांच जरूरी हो सकती है।

PMD में पेशाब की थोड़ी मात्रा मूत्रमार्ग के निचले हिस्से में रह सकती है और कुछ देर बाद बाहर निकल सकती है। पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की कमजोरी या उनका ठीक से coordinate न करना भी इसमें भूमिका निभा सकता है।

क्या इसका मतलब प्रोस्टेट की बीमारी है?

जरूरी नहीं। PMD अपने-आप में prostate बढ़ने का प्रमाण नहीं है। हालांकि कुछ पुरुषों में prostate या मूत्रमार्ग से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी urinary symptoms के साथ मौजूद हो सकती हैं।

अगर इसके साथ पेशाब की धार कमजोर होना, पेशाब शुरू करने में परेशानी, बार-बार पेशाब लगना, जलन, pelvic area में दर्द या पेशाब में खून दिखाई दे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

इलाज में क्या मदद कर सकता है?

हल्के PMD में पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की सही ट्रेनिंग उपयोगी हो सकती है। Kegel exercises का उद्देश्य इन्हीं मांसपेशियों को बेहतर तरीके से सक्रिय करना है। लेकिन गलत मांसपेशियों को कसना, सांस रोकना या पेट और जांघों पर अनावश्यक दबाव डालना व्यायाम को कम प्रभावी बना सकता है।

कुछ पुरुषों में पेशाब के बाद urethral milking जैसी तकनीक मूत्रमार्ग में बची थोड़ी मात्रा को बाहर निकालने में मदद कर सकती है। इसे सही तरीके से सीखना बेहतर है।

यदि समस्या लगातार बनी रहती है या अन्य urinary symptoms भी मौजूद हैं, तो urologist से मूल्यांकन जरूरी है। लक्षणों के आधार पर physical examination, urine testing और जरूरत पड़ने पर urine flow rate या post-void residual urine जैसी जांच की जा सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पेशाब के बाद कुछ बूंदें आना शर्म की बात नहीं है। लेकिन लगातार होने वाले लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय उनके कारण की पहचान करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

फिजियोथेरेपी की क्या भूमिका है?

Post-Micturition Dribbling में फिजियोथेरेपी की भूमिका खासकर pelvic floor muscles की strength, control और coordination बेहतर करने में हो सकती है। Pelvic Floor Physiotherapist मरीज को सही मांसपेशियों की पहचान, contraction-relaxation technique और नियमित exercise programme सिखा सकता है।

Kegel exercises कुछ पुरुषों में मदद कर सकती हैं, लेकिन इन्हें सही तकनीक से करना जरूरी है। केवल बार-बार मांसपेशियों को कसना पर्याप्त नहीं है; गलत तरीके से exercise करने पर पेट, नितंब या जांघ की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं।

हालांकि PMD के उपचार पर उपलब्ध clinical research अभी सीमित है, उपलब्ध अध्ययनों में pelvic-floor exercises और urethral milking से लाभ के संकेत मिले हैं।

फिजियोथेरेपी assessment में pelvic-floor muscle function, contraction-relaxation control, breathing pattern और urinary habits का मूल्यांकन किया जा सकता है।

ध्यान रखें: हर urinary leakage का कारण pelvic-floor weakness नहीं होता। इसलिए लगातार लक्षणों में self-treatment के बजाय योग्य physiotherapist और जरूरत पड़ने पर urologist से assessment कराना बेहतर है।

📚 Sources & Medical References

इस लेख के चिकित्सा संदर्भों के लिए NICE और peer-reviewed research का उपयोग किया गया है। BBC Hindi की 31 अगस्त 2026 की रिपोर्ट को केवल विषय-संदर्भ के रूप में शामिल किया गया है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।

Medical Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत चिकित्सा निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। लगातार पेशाब टपकने, पेशाब में खून, तेज दर्द, बुखार, जलन या पेशाब करने में कठिनाई जैसे लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर/यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लें। किसी भी व्यायाम या उपचार को अपनी स्थिति के अनुसार शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

Dr SHABBIR HUSSAIN

Dr. Shabbir Hussain, BPT Licensed Physiotherapist | Clinical Rehabilitation SpecialistMaharashtra OTPT Council Reg. No. PR-2021/08/PT/009532Society of Onco Physiotherapists Reg. No. SOP/00033/LM
He is a licensed physiotherapist with over 8 years of experience in physiotherapy, kidney rehabilitation, oncological rehabilitation, and lymphedema management. He specializes in balance disorders, pain management, musculoskeletal rehabilitation, strengthening programs, and VR-based rehabilitation.
Dr. Shabbir Hussain (BPT)